पूजा व अनुष्ठान
पूजा, विधि एवं मानक दक्षिणा
हर पूजा का उद्देश्य, शास्त्रीय विधि, आवश्यक सामग्री और मानक दक्षिणा। कैलकुलेटर से कुल व्यय जानें और सत्यापित पुजारी से सीधे संपर्क करें।
✦ आचार्य जी द्वारापितृ दोष शांति पूजा
अकारण अवरोध, व्यापार में बाधा, घर में क्लेश — पितरों की प्रसन्नता हेतु।
✦ आचार्य जी द्वाराअघोर मंत्र शांति यज्ञ
घर में लगातार अशांति, कार्यों में व्यवधान, जीवन से निराशा।
विनायक शांति पूजा
समस्त विघ्नों का शमन; बालक का कुमार्ग, दुःस्वप्न, पढ़ाई में अरुचि।
विद्या गणपति अर्चन पूजा
प्रतियोगी परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों हेतु; गणपति अथर्वशीर्ष के 1100 पाठ।
✦ आचार्य जी द्वाराशिव श्रृंगार पूजन
गृहस्थ जीवन की शुभता, धन-धान्य, अलक्ष्मी (दरिद्रता) निवारण।
वास्तु शांति पूजा
नया घर/दुकान, नया निर्माण, नई जगह आने के बाद समस्याएँ; हर 1 या 5 वर्ष में।
✦ आचार्य जी द्वारात्रिपिंडी श्राद्ध पूजन
कुल में अकाल मृत्यु से संतप्त पितरों की मुक्ति; पारिवारिक विवाद, संतान बाधा।
✦ आचार्य जी द्वाराशनि शांति व दीपदान
परिश्रम के बाद भी असफलता, साढ़ेसाती/ढैय्या का अशुभ प्रभाव।
✦ आचार्य जी द्वारानागबली / सर्प शांति
राहु दोष, सर्प शाप — संतान बाधा, विवाह विलंब, व्यापार हानि, स्वप्न में सर्प।
✦ आचार्य जी द्वाराकरियर उन्नति चण्डी होम
करियर व व्यापार की बाधाएँ दूर करने हेतु दुर्गा सप्तशती पाठ सहित होम।
✦ आचार्य जी द्वाराशत्रु नाशिनी बगला पंचबली पूजा
शत्रुओं पर नियंत्रण व विजय; राजनीति से जुड़े व्यक्तियों हेतु।
✦ आचार्य जी द्वाराबगला प्रत्यंगिरा कवच पूजा
शत्रु द्वारा किए गए यंत्र-मंत्र-तंत्र व अभिचार से सुरक्षा।
✦ आचार्य जी द्वाराबगला राज्य प्राप्ति पूजा
राजनीतिक व उच्च सरकारी पद प्राप्ति; मूल मंत्र का 5 लाख जप।
श्री सत्यनारायण व्रत कथा
सुख-समृद्धि, मनोकामना पूर्ति, शुभ कार्य के बाद।
गृह प्रवेश पूजा
नए घर में शुभ प्रवेश।
रुद्राभिषेक
रोग, ग्रह पीड़ा, मनोकामना पूर्ति।
महामृत्युंजय जाप
गंभीर रोग, अकाल मृत्यु भय, दीर्घायु।
नवग्रह शांति पूजा
कुंडली के अशुभ ग्रहों की शांति।
मंगल दोष (मांगलिक) शांति
मांगलिक दोष से विवाह विलंब या दाम्पत्य कलह।
सुंदरकांड पाठ
संकट निवारण, आत्मबल, शनि-मंगल शांति।
लक्ष्मी-कुबेर पूजन
धन-वृद्धि, व्यापार उन्नति; दीपावली/धनतेरस।
मुंडन संस्कार
षोडश संस्कारों में चूड़ाकर्म।
नामकरण संस्कार
शिशु का नक्षत्र अनुसार नामकरण।
विवाह संस्कार
वैदिक रीति से विवाह।
अन्नप्राशन संस्कार
शिशु को पहली बार अन्न खिलाने का मंगल संस्कार — स्वस्थ व दीर्घ जीवन हेतु।
कर्णवेध संस्कार
कान छिदवाने का वैदिक संस्कार — स्वास्थ्य एवं बुद्धि वृद्धि हेतु।
उपनयन (जनेऊ) संस्कार
यज्ञोपवीत धारण व गायत्री मंत्र दीक्षा — विद्या व संस्कार का आरंभ।
विद्यारंभ संस्कार
बालक-बालिका की शिक्षा का शुभारंभ — गणेश-सरस्वती आशीर्वाद सहित।
सीमंतोन्नयन (गोदभराई) संस्कार
गर्भवती माता व शिशु के मंगल हेतु वैदिक संस्कार।
सगाई / तिलक (वाग्दान)
विवाह पूर्व वाग्दान — दोनों परिवारों के मंगल संबंध की शुरुआत।
आयुष्य होम (जन्मदिन पूजा)
दीर्घायु, आरोग्य व रक्षा हेतु जन्म नक्षत्र पर हवन।
छठी (षष्ठी देवी) पूजा
जन्म के छठे दिन षष्ठी माता की पूजा — नवजात की रक्षा हेतु।
भूमि पूजन
नए भवन/भूखंड पर निर्माण आरंभ से पूर्व भूमि देवी व वास्तु पुरुष की पूजा।
शिलान्यास (नींव पूजन)
भवन की नींव रखने का वैदिक विधान — निर्विघ्न निर्माण हेतु।
दुकान / व्यापार उद्घाटन पूजा
नए व्यापार के शुभारंभ पर गणेश-लक्ष्मी पूजन — समृद्धि व ग्राहक वृद्धि हेतु।
कार्यालय / फैक्ट्री उद्घाटन पूजा
कार्यस्थल की शुद्धि, वास्तु शांति व सफलता हेतु पूजन व हवन।
वाहन पूजा
नए वाहन की सुरक्षित व मंगल यात्रा हेतु पूजन।
व्यापार वृद्धि (लक्ष्मी नारायण) पूजा
व्यापार में रुकावट, घाटा या मंदी दूर करने हेतु लक्ष्मी-नारायण अनुष्ठान।
दीपावली लक्ष्मी व बही-खाता पूजन
दीपावली की प्रदोष/स्थिर लग्न में लक्ष्मी-गणेश-कुबेर व बही-खाता पूजन।
गणेश पूजन (शुभारंभ)
हर शुभ कार्य से पहले विघ्नहर्ता की पूजा — निर्विघ्न सफलता हेतु।
गणेश चतुर्थी स्थापना व विसर्जन
भाद्रपद चतुर्थी पर गणपति प्राण-प्रतिष्ठा, नित्य पूजा व विसर्जन।
संकष्टी चतुर्थी व्रत पूजा
संकट निवारण हेतु चंद्रोदय पर गणेश पूजा व अर्घ्य।
लघु रुद्र अनुष्ठान
रुद्राष्टाध्यायी के 121 पाठ — गंभीर रोग, ग्रह पीड़ा व संकट निवारण।
महा रुद्र यज्ञ
1331 रुद्रपाठ सहित विशाल यज्ञ — लोक-कल्याण, बड़े संकल्प व कुल रक्षा हेतु।
पार्थिव शिवलिंग पूजन
मिट्टी से बने शिवलिंग का पूजन — मनोकामना पूर्ति व ग्रह दोष शांति।
महाशिवरात्रि चार प्रहर पूजा
शिवरात्रि की रात चारों प्रहर में अभिषेक व पूजन।
दुर्गा सप्तशती पाठ
शत्रु बाधा, भय, रोग व आर्थिक संकट से रक्षा हेतु चंडी पाठ।
नवरात्रि कलश स्थापना व नौ दिन पूजा
घटस्थापना, अखंड ज्योति व नवदुर्गा का नौ दिवसीय पूजन।
कन्या पूजन
अष्टमी/नवमी पर नौ कन्याओं व एक बालक (भैरव) का पूजन व भोजन।
शतचंडी महायज्ञ
सप्तशती के 100 पाठ व हवन — बड़े संकट, शत्रु बाधा व राज्य/पद प्राप्ति हेतु।
माँ कामाख्या पूजा
शक्ति-पीठ परंपरा से माँ कामाख्या का पूजन — मनोकामना पूर्ति व सर्व बाधा निवारण।
सरस्वती पूजा
विद्या, वाणी व कला की देवी का पूजन — परीक्षा व एकाग्रता हेतु।
काली पूजा
भय, नकारात्मक शक्ति व शत्रु बाधा से रक्षा हेतु महाकाली पूजन।
संतोषी माता व्रत उद्यापन
16 शुक्रवार व्रत पूर्ण होने पर विधिवत उद्यापन व कथा।
वैभव लक्ष्मी व्रत उद्यापन
शुक्रवार व्रत पूर्ण होने पर लक्ष्मी पूजन, कथा व सुहागिन भोजन।
कात्यायनी पूजा (विवाह बाधा निवारण)
विवाह में देरी या बाधा दूर करने हेतु माँ कात्यायनी मंत्र जाप व पूजन।
श्रीमद्भागवत कथा (सप्ताह)
सात दिवसीय भागवत कथा — पितृ मोक्ष, परिवार कल्याण व भक्ति हेतु।
शिव पुराण कथा
शिव महापुराण की कथा — पाप शमन, सुख-शांति व मोक्ष हेतु।
देवी भागवत कथा
नौ दिवसीय देवी भागवत पुराण कथा — शक्ति कृपा व कुल रक्षा हेतु।
विष्णु सहस्रनाम पाठ
भगवान विष्णु के हज़ार नामों का पाठ — ग्रह शांति, आरोग्य व समृद्धि।
श्रीमद्भगवद्गीता पाठ
गीता के 18 अध्यायों का पाठ — शांति, विवेक व दिवंगत आत्मा की सद्गति हेतु।
गायत्री मंत्र जाप व हवन
गायत्री मंत्र के 24,000/सवा लाख जाप — बुद्धि, तेज व पाप शमन हेतु।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूजा
मध्यरात्रि में बाल गोपाल का अभिषेक, श्रृंगार व जन्मोत्सव पूजन।
एकादशी व्रत उद्यापन
संकल्पित एकादशी व्रत पूर्ण होने पर विष्णु पूजन, हवन व दान।
तुलसी विवाह
शालिग्राम-तुलसी विवाह — कन्यादान का पुण्य व दांपत्य सुख हेतु।
गोवर्धन पूजा व अन्नकूट
दीपावली के अगले दिन गोवर्धन व गौ पूजन, अन्नकूट भोग।
अनंत चतुर्दशी पूजा
अनंत भगवान का पूजन व 14 गाँठ का अनंत सूत्र धारण।
अखंड रामायण पाठ
लगभग 24 घंटे में संपूर्ण रामचरितमानस का निरंतर पाठ — घर में सुख-शांति हेतु।
रामचरितमानस नवाह्न पारायण
नौ दिनों में मानस का पाठ — मनोकामना पूर्ति व कुल कल्याण हेतु।
हनुमान चालीसा 108 पाठ
भय, नकारात्मकता, शनि पीड़ा व संकट से रक्षा हेतु।
रामनवमी पूजा
मध्याह्न में श्रीराम जन्मोत्सव का पूजन व रामरक्षा पाठ।
सूर्य ग्रह शांति
पिता से मतभेद, सरकारी कार्य में बाधा, आत्मविश्वास की कमी — सूर्य दोष शांति।
चंद्र ग्रह शांति
मानसिक अशांति, अनिद्रा, माता का स्वास्थ्य — चंद्र दोष शांति।
बुध ग्रह शांति
वाणी, बुद्धि, व्यापार व त्वचा संबंधी समस्या — बुध दोष शांति।
गुरु (बृहस्पति) ग्रह शांति
विवाह में देरी, संतान, शिक्षा व भाग्य में बाधा — गुरु दोष शांति।
शुक्र ग्रह शांति
दांपत्य सुख, वैभव, वाहन व कला क्षेत्र में बाधा — शुक्र दोष शांति।
राहु ग्रह शांति
भ्रम, अचानक हानि, कोर्ट-केस व नशे की प्रवृत्ति — राहु दोष शांति।
केतु ग्रह शांति
अज्ञात भय, चोट, अचानक रोग व आध्यात्मिक भटकाव — केतु दोष शांति।
शनि साढ़ेसाती / ढैया शांति
साढ़ेसाती व ढैया के कष्ट कम करने हेतु शनि मंत्र जाप, तैलाभिषेक व दान।
गंडमूल नक्षत्र शांति
अश्विनी, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूल, रेवती में जन्मे शिशु हेतु 27वें दिन शांति पूजा।
कालसर्प दोष निवारण पूजा
राहु-केतु के बीच सभी ग्रह होने पर जीवन में बार-बार बाधा — कालसर्प शांति।
गुरु चांडाल दोष शांति
गुरु-राहु युति से विचार भ्रम, गुरुजनों से विरोध — चांडाल दोष शांति।
ग्रहण दोष शांति
सूर्य/चंद्र के साथ राहु-केतु की युति अथवा ग्रहण काल में जन्म — दोष शांति।
कुंभ / अर्क विवाह (मांगलिक दोष)
प्रबल मांगलिक दोष में विवाह से पूर्व कुंभ (कन्या) या अर्क (वर) विवाह।
नारायण बलि
अकाल/अप्राकृतिक मृत्यु वाले पितरों की सद्गति हेतु नारायण बलि कर्म।
वार्षिक श्राद्ध
दिवंगत परिजन की पुण्यतिथि/पितृ पक्ष में पिंडदान, तर्पण व ब्राह्मण भोजन।
पितृ पक्ष तर्पण
पितृ पक्ष में जल-तिल से तर्पण — पितरों की तृप्ति व आशीर्वाद हेतु।
गया श्राद्ध (पिंडदान)
गया जी में विष्णुपद, फल्गु व अक्षयवट पर पिंडदान — पितरों का मोक्ष।
अंत्येष्टि संस्कार
शास्त्रोक्त विधि से अंतिम संस्कार व दशगात्र विधान।
तेरहवीं (त्रयोदशाह) व ब्रह्मभोज
मृत्यु के 13वें दिन शय्या दान, पिंडदान, हवन व ब्राह्मण भोजन।
गरुड़ पुराण पाठ
मृत्यु के बाद 10-13 दिनों तक गरुड़ पुराण का पाठ — आत्मा की सद्गति हेतु।
अस्थि विसर्जन
गंगा या पवित्र नदी में विधिपूर्वक अस्थि प्रवाह व तर्पण।
करवा चौथ पूजा
पति की दीर्घायु हेतु निर्जला व्रत, करवा माता की कथा व चंद्र अर्घ्य।
हरतालिका तीज पूजा
अखंड सौभाग्य हेतु शिव-पार्वती की बालू/मिट्टी प्रतिमा का पूजन व कथा।
छठ पूजा
सूर्य देव व छठी मैया को अस्ताचल व उदयाचल अर्घ्य — संतान व आरोग्य हेतु।
वट सावित्री व्रत पूजा
वट वृक्ष की परिक्रमा, सावित्री-सत्यवान कथा — पति की दीर्घायु हेतु।
होलिका दहन पूजा
भद्रा रहित मुहूर्त में होलिका पूजन व परिक्रमा — नकारात्मकता का दहन।
नाग पंचमी पूजा
नाग देवता का पूजन — कालसर्प दोष शमन व परिवार रक्षा हेतु।
सोलह सोमवार व्रत उद्यापन
सोलह सोमवार व्रत पूर्ण होने पर शिव पूजन, हवन व उद्यापन।
प्रदोष व्रत उद्यापन
11 या 26 प्रदोष व्रत पूर्ण होने पर शिव-पार्वती पूजन व हवन।
अहोई अष्टमी पूजा
संतान की दीर्घायु व सुख हेतु अहोई माता की पूजा व तारों को अर्घ्य।
धन्वंतरि हवन (रोग निवारण)
दीर्घ रोग, शल्य चिकित्सा से पूर्व व स्वास्थ्य लाभ हेतु भगवान धन्वंतरि का हवन।
संतान गोपाल पाठ व हवन
संतान प्राप्ति में बाधा हेतु संतान गोपाल मंत्र जाप व बाल गोपाल पूजन।
नज़र दोष निवारण पूजा
बार-बार बीमारी, अशांति व कार्य में अड़चन — हनुमान/भैरव रक्षा पूजन।