भक्ति संग्रह
आरती, चालीसा व मंत्र
शुद्ध पाठ, बड़े व स्पष्ट अक्षरों में — पूजा के समय मोबाइल पर पढ़ें।
चालीसा
आरती
श्री हनुमान जी
आरती कीजै हनुमान लला की
हनुमान चालीसा के पाठ के बाद श्री हनुमान जी की आरती।
🗓 मंगलवार, शनिवार
भगवान विष्णु
ॐ जय जगदीश हरे
पं. श्रद्धाराम फिल्लौरी रचित सर्वाधिक प्रचलित आरती — हर पूजा के अंत में गाई जाती है।
🗓 प्रतिदिन, गुरुवार, एकादशी, सत्यनारायण कथा
श्री गणेश जी
जय गणेश जय गणेश देवा
विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की आरती — हर पूजा में सबसे पहले।
🗓 बुधवार, चतुर्थी, हर शुभ कार्य का आरंभ
भगवान शिव
ॐ जय शिव ओंकारा
भगवान शिव की प्रचलित आरती — सोमवार व प्रदोष व्रत में विशेष।
🗓 सोमवार, प्रदोष, महाशिवरात्रि, श्रावण मास
माँ दुर्गा
जय अम्बे गौरी
माँ दुर्गा (अम्बे) की आरती — नवरात्रि में प्रतिदिन प्रातः-सायं।
🗓 नवरात्रि, शुक्रवार, अष्टमी
माँ लक्ष्मी
ॐ जय लक्ष्मी माता
धन-धान्य व सुख-समृद्धि की देवी माँ लक्ष्मी की आरती — दीपावली पूजन में विशेष।
🗓 शुक्रवार, दीपावली, पूर्णिमा
स्तुति
मंत्र
माँ गायत्री / सविता देव
गायत्री मंत्र
ऋग्वेद (3.62.10) का महामंत्र — बुद्धि, तेज व सद्विचार हेतु। 108 बार जप श्रेष्ठ।
🗓 प्रतिदिन — प्रातः, मध्याह्न व सायं संध्या
भगवान शिव
महामृत्युंजय मंत्र
ऋग्वेद (7.59.12) व यजुर्वेद का मंत्र — आरोग्य, दीर्घायु व भय-मुक्ति हेतु। 108 बार जप श्रेष्ठ।
🗓 सोमवार, रोग-संकट के समय