आरती · श्री गणेश जी
जय गणेश जय गणेश देवा
विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की आरती — हर पूजा में सबसे पहले।
🗓 बुधवार, चतुर्थी, हर शुभ कार्य का आरंभ
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
एक दंत दयावंत चार भुजा धारी।माथे सिंदूर सोहे मूसे की सवारी॥
पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा।लड्डुअन का भोग लगे संत करें सेवा॥
अंधन को आंख देत कोढ़िन को काया।बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया॥
'सूर' श्याम शरण आए सफल कीजे सेवा।माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥
दीनन की लाज रखो शंभु सुतकारी।कामना को पूर्ण करो जाऊं बलिहारी॥