शनि शांति व दीपदान
Shani Shanti & Deepdan
परिश्रम के बाद भी असफलता, साढ़ेसाती/ढैय्या का अशुभ प्रभाव।
✿ विधि आचार्य विवेक उपाध्याय जी द्वारा

विधि एवं महत्व
जिस किसी भी जातक के जीवन में परिश्रम के बाद भी लगातार असफलता की प्राप्ति हो रही हो निश्चित ही उसका शनि उसे प्रभावित कर रहा है । शनि के साढ़े साती का अशुभ प्रभाव मानव को राजा से रंक तक बनने को मजबूर कर देता है । शनिवार के दिन भगवान शनि की पूजा का विधान बताया गया है इनकी पूजा सायं काल के बाद विशेष फलदाई मानी जाती है।
भगवान शनि की प्रसन्नता के लिए निम्न उपाय :
- शनि के वैदिक मंत्र या बिजोक्त मंत्र का जप ब्राह्मण से सविधि पूर्वक कराए यैसा करने से शनि देव शीघ्र ही शुभता को प्रदान करते है ।
- स्नान आदि से पवित्र होकर सायं काल पीपल वृक्ष के नीचे एक या सात दीपक ,पीला सरसों तेल से जलाए साथ ही दीप दान करते समय सायं दीप दान मन्त्र का वाचन कर प्रणाम करें ।
- विद्यार्थियों के जीवन में शनि की प्रतिकूलता होने पर दीपदान के समय उनके शरीर से काली मिर्च के तीन-तीन दाने बाएं हाथ से घुमाकर दीपक में छोड़े व प्रणाम करावे।
- शनि की प्रतिकूलता से रोगों की सहायता बढ़ाने पर नक्षत्र दीपदान कराए । इस क्रिया को जानने के लिए संस्था से सम्पर्क करें ।
पूजन सामग्री सूची
संपूर्ण किट का अनुमानित मूल्य: ₹4,700
इस पूजा हेतु विशेष सामग्री
- सरसों का तेल1 लीटर
- काला तिल250 ग्राम
- काली उड़द250 ग्राम
- काला वस्त्र1.25 मीटर
- लोहे का दीपक / पात्र1 नग
- नीले फूल1 माला
- काली मिर्च21 दाने
- शमी पत्र1 गड्डी
सामान्य पूजन सामग्री (हर पूजा में)
- रोली / कुमकुम1 पैकेट
- हल्दी (पिसी)50 ग्राम
- अक्षत (साबुत चावल)500 ग्राम
- मौली / कलावा2 गोला
- जनेऊ5 जोड़ा
- सुपारी21 नग
- लौंग10 ग्राम
- इलायची10 ग्राम
- कपूर1 डिब्बी
- धूप / अगरबत्ती1 पैकेट
- देसी घी250 ग्राम
- रुई बत्ती (गोल व लंबी)1 पैकेट
- गंगाजल1 बोतल
- शहद50 ग्राम
- पान के पत्ते11 नग
- नारियल (पानी वाला)2 नग
- फूल माला5 नग
- खुले फूल250 ग्राम
- दूर्वा1 गड्डी
- आम के पत्ते1 गड्डी
- पंचमेवा100 ग्राम
- मिठाई / प्रसाद500 ग्राम
- ऋतु फल5 प्रकार
- लाल / पीला वस्त्र (चौकी हेतु)1.25 मीटर
- कलश (तांबा/मिट्टी)1 नग
- दीपक (मिट्टी)5 नग
- चौकी / पाटा1 नग
- आसन2 नग
हवन सामग्री (जहाँ हवन हो)
- हवन कुंड1 नग
- आम की लकड़ी (समिधा)5 किलो
- हवन सामग्री (मिश्रित)1 किलो
- काला तिल250 ग्राम
- जौ250 ग्राम
- गुग्गुल50 ग्राम
- अतिरिक्त देसी घी500 ग्राम
- नवग्रह समिधा1 सेट
- सूखा नारियल (गोला)2 नग
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
शनि शांति व दीपदान की दक्षिणा कितनी है?
ट्रस्ट की मानक दक्षिणा: दीपदान व पूजन (1 पंडित) — ₹2,100; शनि मंत्र जप 23,000 + हवन (3 पंडित) — ₹11,000। सामग्री किट लगभग ₹4,700। ऊपर दी गई राशि केवल पूजा-विधि की मानक दक्षिणा है — पुजारी जी अपने क्षेत्र के अनुसार इसमें थोड़ा कम-अधिक रख सकते हैं। आने-जाने का किराया (यात्रा व्यय), सामग्री (यदि किट नहीं ली), तथा वस्त्र, अन्न, गौ-दान, ब्राह्मण भोजन जैसे दान इसमें शामिल नहीं हैं — ये दूरी व यजमान की श्रद्धा अनुसार आपसी सहमति से अलग तय होते हैं। सब कुछ पूजा से पहले स्पष्ट तय कर लें।
शनि शांति व दीपदान में कितना समय लगता है?
सामान्यतः लगभग 2 घंटे, हवन सहित।
शनि शांति व दीपदान कब करानी चाहिए?
शुभ समय: शनिवार सायं काल, पीपल वृक्ष के नीचे। सटीक मुहूर्त हेतु पंचांग देखें या आचार्य जी से परामर्श लें।
शनि शांति व दीपदान के लिए क्या-क्या सामग्री चाहिए?
इस पृष्ठ पर पूरी सूची है — विशेष सामग्री: सरसों का तेल, काला तिल, काली उड़द, काला वस्त्र, लोहे का दीपक / पात्र आदि। संपूर्ण किट का अनुमानित मूल्य ₹4,700।
शनि शांति व दीपदान के लिए पंडित कहाँ मिलेंगे?
इसी पृष्ठ पर अपने शहर के सत्यापित पुजारी देखें, जो यह पूजा कराते हैं — रेटिंग देखकर सीधे व्हाट्सऐप पर संपर्क करें। ट्रस्ट कोई कमीशन नहीं लेता।
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