अंत्येष्टि संस्कार
Antyeshti (Last Rites)
शास्त्रोक्त विधि से अंतिम संस्कार व दशगात्र विधान।
पूजन सामग्री सूची
संपूर्ण किट का अनुमानित मूल्य: ₹4,600
इस पूजा हेतु विशेष सामग्री
- अंत्येष्टि सामग्री (घी, चंदन, सामग्री)1 सेट
- कफन व वस्त्र1
- मटकी1
सामान्य पूजन सामग्री (हर पूजा में)
- रोली / कुमकुम1 पैकेट
- हल्दी (पिसी)50 ग्राम
- अक्षत (साबुत चावल)500 ग्राम
- मौली / कलावा2 गोला
- जनेऊ5 जोड़ा
- सुपारी21 नग
- लौंग10 ग्राम
- इलायची10 ग्राम
- कपूर1 डिब्बी
- धूप / अगरबत्ती1 पैकेट
- देसी घी250 ग्राम
- रुई बत्ती (गोल व लंबी)1 पैकेट
- गंगाजल1 बोतल
- शहद50 ग्राम
- पान के पत्ते11 नग
- नारियल (पानी वाला)2 नग
- फूल माला5 नग
- खुले फूल250 ग्राम
- दूर्वा1 गड्डी
- आम के पत्ते1 गड्डी
- पंचमेवा100 ग्राम
- मिठाई / प्रसाद500 ग्राम
- ऋतु फल5 प्रकार
- लाल / पीला वस्त्र (चौकी हेतु)1.25 मीटर
- कलश (तांबा/मिट्टी)1 नग
- दीपक (मिट्टी)5 नग
- चौकी / पाटा1 नग
- आसन2 नग
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
अंत्येष्टि संस्कार की दक्षिणा कितनी है?
ट्रस्ट की मानक दक्षिणा: अंत्येष्टि (1 पंडित) — ₹3,100; अंत्येष्टि + दशगात्र (1 पंडित) — ₹11,000। सामग्री किट लगभग ₹4,600। ऊपर दी गई राशि केवल पूजा-विधि की मानक दक्षिणा है — पुजारी जी अपने क्षेत्र के अनुसार इसमें थोड़ा कम-अधिक रख सकते हैं। आने-जाने का किराया (यात्रा व्यय), सामग्री (यदि किट नहीं ली), तथा वस्त्र, अन्न, गौ-दान, ब्राह्मण भोजन जैसे दान इसमें शामिल नहीं हैं — ये दूरी व यजमान की श्रद्धा अनुसार आपसी सहमति से अलग तय होते हैं। सब कुछ पूजा से पहले स्पष्ट तय कर लें।
अंत्येष्टि संस्कार में कितना समय लगता है?
सामान्यतः लगभग 4 घंटे।
अंत्येष्टि संस्कार कब करानी चाहिए?
शुभ समय: मृत्यु के उपरांत यथाशीघ्र। सटीक मुहूर्त हेतु पंचांग देखें या आचार्य जी से परामर्श लें।
अंत्येष्टि संस्कार के लिए क्या-क्या सामग्री चाहिए?
इस पृष्ठ पर पूरी सूची है — विशेष सामग्री: अंत्येष्टि सामग्री (घी, चंदन, सामग्री), कफन व वस्त्र, मटकी आदि। संपूर्ण किट का अनुमानित मूल्य ₹4,600।
अंत्येष्टि संस्कार के लिए पंडित कहाँ मिलेंगे?
इसी पृष्ठ पर अपने शहर के सत्यापित पुजारी देखें, जो यह पूजा कराते हैं — रेटिंग देखकर सीधे व्हाट्सऐप पर संपर्क करें। ट्रस्ट कोई कमीशन नहीं लेता।
संबंधित पूजाएँ
✦ आचार्य जी द्वारात्रिपिंडी श्राद्ध पूजन
कुल में अकाल मृत्यु से संतप्त पितरों की मुक्ति; पारिवारिक विवाद, संतान बाधा।
नारायण बलि
अकाल/अप्राकृतिक मृत्यु वाले पितरों की सद्गति हेतु नारायण बलि कर्म।
वार्षिक श्राद्ध
दिवंगत परिजन की पुण्यतिथि/पितृ पक्ष में पिंडदान, तर्पण व ब्राह्मण भोजन।
पितृ पक्ष तर्पण
पितृ पक्ष में जल-तिल से तर्पण — पितरों की तृप्ति व आशीर्वाद हेतु।